News

उज्जैन के संपूर्ण क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किये हैं ।

By np 4 min read

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकार रौशन कुमार सिंह ने जिले में लोक शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 (1) के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिला के संपूर्ण क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किये हैं । 


   आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था या अन्य पक्ष सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार के धारदार या अन्य हथियार, आग्नेय अस्त्र-शस्त्र, हांकी, डण्डा, रॉड इत्यादि लेकर नहीं चलेगा अथवा दुरूपयोग नहीं करेगा और न ही प्रदर्शन करेगा।


    कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था या अन्य पक्ष किसी भी स्थान पर सभा, धरना, प्रदर्शन, जुलुस, रैली, सार्वजनिक कार्यक्रम आदि का आयोजन नहीं करेगा।


   कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था या अन्य पक्ष डी.जे. अथवा बैण्ड का संचालक, बैंड, डी.जे./ ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग नहीं करेगा। प्रत्येक को मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 तथा The Noise Pollution (Regulation and Control) Rule, 2000 एवं ध्वनि प्रदुषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2010 के प्रावधानों का पूर्ण पालन करना आवश्यक होगा।


    कोई भी व्यक्ति, समुह, संस्था या अन्य कोई भी पक्ष धरना, जुलूस, प्रदर्शन, सभा या रैली आदि में एसिड, पेट्रोल, कैरोसिन आदि ज्वलनशील पदार्थ अपने पास नहीं रखेगा या लेकर नहीं चलेगा या उपयोग नहीं करेगा।


   किसी भी प्रकार के धरना, जुलूस, प्रदर्शन, सभा या रैली आदि में पटाखे / विस्फोटक सामग्री का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।


   कोई भी व्यक्ति, समुह, संस्था या अन्य किसी भी स्थान पर किसी भी प्रयोजन हेतु टेंट, पंडाल आदि का स्थायी या अस्थाई निर्माण नहीं करेगा।


   कोई भी व्यक्ति, समुह, संस्था या अन्य पक्ष किसी भी सड़क, रोड़, रास्ता, हाइवे आदि पर एकत्रित होकर यातायात में व्यवधान नहीं करेंगे या इन स्थानों पर किसी अन्य प्रकार से कोई रूकावट उत्पन्न नहीं करेंगे या किसी व्यक्ति को आने-जाने एवं उसके कार्य करने से नहीं रोकेंगे।


   कोई भी व्यक्ति, समुह, संस्था या ग्रुप एडमिन या अन्य सोशल मिडिया / इलेक्ट्रोनिक संसाधन जैसे मोबाईल, कम्प्यूटर, फेसबुक, ई-मेल, व्हाटसएप्प एवं अन्य प्रकार के संचार साधनों पर किसी दल, धर्म, जाति, संस्था, व्यक्ति विरोधी एवं आमजन की भावना भड़काने वाले अथवा किसी को बुरा लगने या आहत करने वाले व कानून व्यवस्था की विपरित स्थिति निर्मित करने वाले आपत्तिजनक मैसेज / चित्र/ कमेंट/ बैनर / पोस्टर आदि अपलोड नहीं करेगा/प्रदर्शित नहीं करेगा।


   ऐतिहासिक इमारतों, रेल्वे स्टेशन, बस स्टेण्ड, न्यायालयों, शासकीय कार्यालयों, अन्य सार्वजनिक स्थलों एवं पार्कों पर किसी भी व्यक्ति, संस्था एवं संगठन द्वारा बिना अनुमति के शूटिंग, वीडियो, रील एवं फोटोग्राफी आदी नहीं करेगा।


  जिले में स्थित होटल, लॉज, विश्राम स्थल, धर्मशाला, सराय आदि में ठहरने वाले बाहरी व्यक्तियों की सूचना संबंधित संस्थान के संचालक द्वारा प्रतिदिन संबंधित थाना प्रभारी को अनिवार्य रूप से लिखित में प्रदान की जावेगी।


   समस्त भवन स्वामी / मालिक द्वारा अपने मकान में रहने वाले किरायेदारों की जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को अनिवार्य रूप से लिखित में प्रदान की जावेगी।


 गौरतलब है कि शांति, कानून व्यवस्था तथा आमजन की सुरक्षा व सुविधा में संलग्न, शासकीय कर्तव्य पर उपस्थित एवं डयूटीरत् पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के लिए यह निर्देश लागू नहीं होंगे। कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु इन्हें आवश्यक वैधानिक छूट प्राप्त होगी। वैवाहिक एवं सामाजिक संस्कार के संबंध हेतु आवश्यक छूट रहेगी।


  जिले में पदस्थ अनुविभागीय दण्डाधिकारी आवश्यक होने पर किसी पक्ष के आवेदन पर अपने-अपने क्षेत्र में संबंधित नगर पुलिस अधीक्षक / अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) से परामर्श कर आवश्यक प्रतिबंध / शर्तों सहित किसी कार्यक्रम की अनुमति प्रदान करनें हेतु अधिकृत होंगे।


  उक्त आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के अंतर्गत यह आदेश एक पक्षीय पारित किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। यह आदेश आगामी 2 माह तक की अवधि के लिए प्रभावशील रहेगा।

You may also like: परमाणु हमले की धमकी पर नयी दिल्ली ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सोमवार को कहा कि परमाणु हथियारों की धमकी देना पड़ोसी मुल्क की आदत है।

Likes 0 · Dislikes 0 Log in to like or dislike this post.
Share this post

Leave a Reply

Please log in to comment on this post.