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नई दिल्ली: ब्राजील के पास है वो खजाना जो दुनियाभर के देश चाहकर भी नहीं पा सकते, जहां PM मोदी पहुंचे Jul 08, 2025 |

By Mani 4 min read

नई दिल्ली: ब्राजील के पास है वो खजाना जो दुनियाभर के देश चाहकर भी नहीं पा सकते, जहां PM मोदी पहुंचे

Jul 08, 2025 | 


नई दिल्ली:  पीएम मोदी ब्राजील में है. वो ब्राजील तो दुनियाभर में सबसे ज्यादा कॉफी पैदा करता है. गन्ने की पैदावार करता है. कार्निवाल और सांबा डांस के लिए पूरी दुनिया में फेमस है. दुनिया की दूसरी बड़ी प्रतिमा क्राइस्ट द रिडीमर के साथ अपनी अलग पहचान बरकरार रखे हुए है. इससे इतर ब्राजील के पास एक ऐसा खजाना भी है जिसे पूरी दुनिया पाना तो चाहती है, लेकिन उसे हासिल करना आसान नहीं है.


दुनियाभर में जिंदादिली के लिए मशहूर ब्राजील के पास अमेजन के जंगलों का खजाना है. दुनिया के सबसे बड़े वर्षावन कहे जाने वाले अमेजन के जंगलों का 60 फीसदी हिस्सा ब्राजील में ही है. यह जंगल इसे कार्बन के खतरों से बचा रहा है और अर्थव्यवस्था को रफ्तार देकर मालामाल भी कर रहा है.


दुनिया का फेफड़ा यूं ही नहीं कहा जाता:


दुनिया की कुल ऑक्सीजन में से 20 फीसदी ऑक्सीजन अमेजन के वर्षावन रिलीज करते हैं. यह वातावरण में मौजूद कार्बन-डाई-ऑक्साइड को एब्जॉर्ब करते हैं और ऑक्सीजन को रिलीज करते हैं. फेफड़े वही ऑक्सीजन लेते हैं और इंसान द्वारा छोड़ी गई कार्बन डाई ऑक्साइड फिर वापस जंगल अवशोषित कर देता है. यही वजह है कि अमेजन के जंगलों को दुनिया का फेफड़ा कहा जाता है. ये जंगल बड़ी मात्रा में कार्बन डाई ऑक्साइड को सोखते हैं. ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन को कंट्रोल करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. इस जंगल के करोड़ों पेड़ जलवायु और वर्षा चक्र को बैलेंस कर रहे हैं. यहां पानी का भंडार है और मौसम को कंट्रोल करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं. जंगलों में लाखों मछलियां हैं. पौधों की अनगिनत प्रजातियां हैं. झील और झरने यहां की विविधता का ही हिस्सा हैं. दुनिया के सबसे बड़े झरनों में से एक इगुआकु फॉल्स भी इसी जंगल में है. जिसे देखने के लिए दुनियाभर से सैलानी पहुंचते हैं. ब्राजील इको टूरिज्म के जरिए हर साल 500 मिलियन डॉलर से 1 अरब डॉलर की सालाना कमाई करता है.


अमेजन के जंगल ब्राजील के लिए खजाने की तरह क्यों:


ब्राजील के लिए अमेजन के जंगल खजाने की तरह क्यों हैं अब इसे समझ लेते हैं. जंगल ब्राजील के बड़े हिस्से में बारिश लाते हैं जिससे यहां खेती बेहतर होती है. पैदावार ज्यादा होती है. पेयजल की आपूर्ति बरकरार रहती है और कृषि उत्पादन ज्यादा होता है. कॉफी और गन्ने के उत्पादन में ब्राजील यूं ही नहीं दुनिया में नम्बर वन है. ब्राजील के जंगलों को औषधीय पौधों का गढ़ भी कहा जाता है. यहां की जैव-विविधता, पशु-प्रजातियों की खोज वैज्ञानिक शोध के लिए वरदान की तरह है. इन्हीं खूबियों को देखने दुनियाभर के टूरिस्ट पहुंचते हैं और इसे इको-टूरिज्म के नाम से जाना जाता है. पर्यटन से होने वाली आय सीधेतौर पर ब्राजील के हिस्से में जाती है. अमेजन के जंगलों से मिलने वाली लकड़ी, फल, मेवे, जड़ी-बूटियां स्थानीय और देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देते हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक जंगलों में उगने वाले अखरोट, अक्का, जड़ी-बूटियां, रबर और शहद जैसे उत्पादों से ब्राजील हर साल 1.5 से 2 अरब डॉलर की कमाई करता है.


अमेजन को संरक्षित रखने के लिए फंडिंग:


दुनिया का फेफड़ा कहा जाने वाला अमेजन कितना जरूरी है, यह इस बात से समझा जा सकता है कि अंतरराष्ट्रीय संगठन और कई देश ब्राजील को इसे संरक्षित रखने के लिए फंडिंग करते हैं. यही वजह है कि अमेजन के वर्षावन ब्राजील के लिए सिर्फ जंगल नहीं, बल्कि एक आर्थिक इंजन की तरह काम करता है.


अमेजन के जंगलों के लिए क्या कर रहा ब्राजील:


अमेजन के जंगलों को संरक्षित रखने की कोशिश के बीच कई बार यहां आग लगने, अवैध कटाई और खनन की खबरें भी आती हैं. हालांकि, ब्राजील इसे बचाने के लिए कई कदम उठा चुका है. ब्राजील ने अमेजन के जंगलों के एक बड़े हिस्से को राष्ट्रीय उद्यान, प्राकृतिक रिज़र्व, और जनजातीय क्षेत्र घोषित किया है. जंगल का करीब 50 फीसरी हिस्सा संरक्षित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है. इन इलाकों में व्यापारिक गतिविधियों पर भी कंट्रोल किया गया है. जंगलों की सैटेलाइट से निगरानी की जा रही है. इससे यह देखा जाता है कि कहां जंगलों की कटाई जा रही है और कहीं आगजनी की घटना तो नहीं घटी. यह अवैध गतिविधियों की रियल टाइम में जानकारी देकर अलर्ट करने का काम करता है.

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