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शिप्रा की पवित्रता लौटाएगा "त्रिशुल’’, धार्मिक नगरी को मास, मदिरा मुक्त बनाने के लिए करेगा जागरूक |

By np 4 min read

उज्जैन। धार्मिक नगरियों को मास, मदिरा मुक्त बनाने और शिप्रा सहित प्रदेश की धार्मिक नदियों की पवित्रता को लौटाने के क्षेत्र में वृहद स्तर पर काम करने के लिए प्रदेश स्तरीय नए संगठन त्रिशुल. शिव गण वाहिनी का गठन किया गया। जनता के बीच स्वच्छता और जल संग्रहण के क्षेत्र में लंबे समय से काम करने वाले नगर निगम के पूर्व अपर कमिश्नर आदित्य नागर ने संगठन बनाकर यह अच्छी पहल की है।  


अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चतुर्वेदी सहित अन्य पदाधिकारियों ने परशुराम जयंती के मौके पर संगठन के लोगो एवं ध्वज का प्रकटिकरण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारें अपने स्तर पर काम करती है, लेकिन सरकारों के साथ ही जनता की भी भागीदारी जरूरी है।  उसी क्षेत्र में संगठन प्रदेश स्तर पर काम करेगा। श्री सुरेन्द्र चतुर्वेदी ने बताया कि ’’त्रिशूल’’ के संस्थापर आदित्य नागर, अपर आयुक्त नगर निगम, जनपद और जिला पंचायत में विभिन्न प्रशासनिक पदों पर रहे है तथा उन्हें जलसंरक्षण और पर्यावरण  संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में काम करने का लंबा अनुभव है, जिसका फायदा संगठन को मिलेगा और इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे ।


इस अवसर पर पूर्व निगम अपर कमिश्नर आदित्य नागर ने बताया कि यह संगठन प्रदेश स्तर पर काम करेगा और हर शहर, गांव, कस्बे में जागरूक लोगों को इससे जोड़ा जाएगा। शुरुआत उज्जैन में शिप्रा नदी से की जाएगी। धार्मिक नगरी को मास.मदिरा मुक्त बनाने के क्षेत्र में सरकार अपने स्तर पर काम कर रही है, लेकिन हमारे संगठन के सदस्य जो ’’शिव गण’’ कहलायेंगे, एक.एक व्यक्ति के पास पहुंचेंगे और उन्हें मास.मदिरा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। जो भी व्यक्ति यह छोेड़ेगा उसे संगठन की तरफ से प्रमाण पत्र दिया जाएगा और उसे समाज के सामने आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।  

नदियों को फिर जीवीत करना होगा, तभी हमारी अगली पीढ़ी सुरक्षित रहेगी !!


पूर्व अपर कमिश्नर नागर ने बताया कि नदियों की हालत खराब हैं। ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव के चलते नदियां सूख रही है वहीं दूसरी तरफ उनमें गंदगी भी बढ़ती जा रही है। अगर अभी हमने ध्यान नहीं दिया तो वह दिन दूर नहीं जब कई नदियां खत्म हो जाएगी। ऐसे कई उदाहरण हमारे सामने भी हैं। अगली पीढ़ी को परेशानी ना हो इसके लिए हमें अभी से प्रयास करना होंगे और संगठन वही काम करेगा।  


यह काम भी करेगा संगठन -

ऽ धार्मिक नगरों में प्रवाहमान नदियों का पुनर्जीवन एवं स्वच्छता ।

ऽ धार्मिक नगरों में स्वच्छता का वातावरण निर्मित कराना ।

ऽ धार्मिक नगरों को शराब, मांस, अन्य व्यसनों से मुक्त कराना ।

ऽ सर्वहारा वर्ग के लोगों को सुविधाएं दिलाना और उनके उत्थान के लिए कार्य करना। 


समारोह के उपरांत श्री नागर ने की सफाई -

समारोह के दौरान वाहन रैली निकाली गई। गोपाल मंदिर चौक पर लगाए गए मंच से संगठन के सदस्यों ने वाहन रैली पर पुष्पवर्षा की। रैली निकलने के बाद रोड पर फूल व पंखडियां जमा हो गई। जिसे संगठन के सदस्यों के साथ श्री नागर ने हाथों- हाथ झाडू लगाया और स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि उज्जैन शहर 2021 में स्वच्छता में अग्रणी रह चुका है जिसमें उनके द्वारा लगातार कार्य किया गया था । आम जन में जागरुकता का संदेश देने के कारण उनके द्वारा सफाई भी की गई।  इस अवसर पर सुरेन्द्र चतुर्वेदी, राष्ट््रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय ब्रहम्मण समाज, पूर्व अपर कलेक्टर रमेशचन्द्र पाण्डे, तरुण उपाध्याय, उपाध्यक्ष, रामेश्वर दुबे, पार्षद, गुरु राजेश शर्मा महाकाल मंदिर, जिया लाल शर्मा, अशोक सरिया, यशवतं भार्गव, ब्रहम्मानंद दीक्षित, धर्मेन्द्र शर्मा, शैलेन्द्र - स्वामी मुस्कुराके, डॉ0 सुरेश शर्मा, सुरेश मोढ, अमित शर्मा, एश्वर्य नागर, रजत मेहता एमआईसी सदस्य, अजय प्रकाश मेहता, घनश्याम शर्मा, श्रीमती भावना नागर, एवं बडी संख्या में विभिन्न समुदाय के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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