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नई दिल्ली: SCO Declaration भारत का दिखा दम, घोषणा पत्र में पहलगाम और सीमा पार आतंकवाद का जिक्र, चीन में पाक बेनकाब September 01, 2025, 11:23 IST

By Mani 3 min read

नई दिल्ली: SCO Declaration भारत का दिखा दम, घोषणा पत्र में पहलगाम और सीमा पार आतंकवाद का जिक्र, चीन में पाक बेनकाब

September 01, 2025, 11:23 IST


नई दिल्ली: शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन से सबसे बड़ी बात जो सामने आई है, वो ये है कि भारत के उस स्टैंड का सभी देशों ने समर्थन किया है, जो आतंकवाद को लेकर हमेशा से हमने अपनाया है. SCO समिट की सबसे अहम बात ये रही कि यहां पर ज्वाइंट डिक्लेरेशन साइन हुआ है और इसमें पहलगाम हमले का भी जिक्र है. सभी देशों ने मिलकर माना है कि पहलगाम में हुआ हमला गलत था और ऐसा आतंकवादी हमले स्वीकार्य नहीं है.


SCO में जारी हुआ ज्वाइंट डेक्लेरेशन. (Credit- X):


शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों ने 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है. उन्होंने हमले में मारे गए लोगों और घायलों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और जोर देकर कहा कि हमले के दोषियों, योजनाकारों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए.


भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत:


सदस्य देशों ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ अपने दृढ़ संकल्प को दोहराया और कहा कि इन समूहों का उपयोग अपने फायद के लिए किया जाना स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने में संप्रभु देशों और उनकी सक्षम संस्थाओं की भूमिका सबसे ऊपर है. सभी सदस्य देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की स्पष्ट निंदा की और कहा कि आतंक के खिलाफ दोहरे मानदंड अस्वीकार्य हैं. उन्होंने सीमा पार आतंकवाद सहित आतंक के हर रूप के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की अपील की. भारत के लिए ये बात अहम इसलिए हो जाती है क्योंकि पहलगाम हमले को चीन एससीओ के घोषणा पत्र में शामिल नहीं कर रहा था. जून में हुई रक्षा मंत्रियों की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिर्फ इसी वजह से घोषणा पत्र पर साइन करने से इनकार कर दिया था. ऐसे में सभी देशों का पहलगाम हमले की निंदा करना और आतंकवाद पर एकजुट होना भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत की ओर इशारा करता है.


भारत ने जो कहा, SCO ने माना:


‘वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर’ की थीम को SCO घोषणा में समर्थन मिला है, जो भारत के वैश्विक दृष्टिकोण को दर्शाता है. 3 से 5 अप्रैल के बीच नई दिल्ली में हुई 5वीं एससीओ स्टार्टअप फोरम के सफल आयोजन की भी सराहना की गई. SCO थिंक टैंक फोरम की 20वीं बैठक के आयोजन को भी महत्वपूर्ण माना, जिसने विचार-विमर्श को नई दिशा दी. सदस्य देशों ने भारतीय विश्व मामलों की परिषद में स्थित SCO अध्ययन केंद्र की सांस्कृतिक और मानवतावादी सहयोग को मजबूत करने में भूमिका को भी सराहा. इस संयुक्त घोषणा से यह स्पष्ट है कि SCO मंच पर भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है और सदस्य देश भारत के नेतृत्व और योगदान को एक सकारात्मक दिशा में देख रहे हैं.

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