Laws Of Human Nature ( मानव स्वभाव के नियम ) - 07
मानव स्वभाव के नियम 07
अगर तुम लोगों को बदलना चाहते हो, तो पहले उन्हें उनकी ही नजर से समझो।
हर इंसान को अपनी बात सही लगती है
कोई खुद को सबसे बड़ा समझता है,
कोई खुद को हमेशा पीड़ित मानता है,
कोई अपनी ही राय को सच मानता है।
' ऐसे में अगर आप सीधे जाकर उसकी गलती बताओगे, तो वो डिफेंसिव हो जाएगा।
सिधा टकराव उल्टा असर करता है
जितना ज्यादा तुम सामने वाले को गलत बताओगे, उतना हीं वो अपनी बात पर अड़ जाएगा।
क्यो?
क्योंकि हर इंसान अपने EGO को बचाना चाहता है।
एक कहानी: वो बॉस जिसने सुनना साखा
एक मैनेजर हर बार अपने जूनियर्स को डांटता था कि उनकी सोच गलत है। जुनियर्स और जिद्दी हो जाते।
फिर उसने तरीका बदला, पहले उनकी बात पूरी सुनता, उनकी चिंता समझता, फिर धीरे से अपना पॉइंट रखता।
नतीजा? लोग खुद मानने लगे।
लोग तब बदलते हैं जब उन्हें लगे कि तुम उनकी बात समझ रहे हो।
सही तरीका क्या है?
सामने वाले को पूरी बात कहने दो। पहले उसकी सोच को समझो, फिर धीरे-धीरे उसे दूसरी नजर से सोचने पर लाओ ।
जब लोग सुने जाने लगते हैं, तो वो बदलने को भी तैयार हो जाते हैं।
अगर ये नहीं सीखा तो?
- आप हर बहस हारोगे
- रिश्ते खराब होंगे
- लोग सुनना ही बंद कर देंगे
बदलाव तब आता है जब सामने वाला खुद सोचे, "हां, इसमें दम है।"
बताओ , क्या कभी ऐसा हुआ कि आप किसी को समझा रहे थे, लेकिन वो सुन ही नहीं रहा था?
या जब आपने पहले उसकी बात सुनी, तो उसने खुद आपकी बात मान ली?
कमेंट में शेयर करो, आपकी कहानी दूसरों की सीख बन सकती है।
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