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क्या है कालसर्प दोष?

By PanditVishalVaishnav 3 min read

क्या है कालसर्प दोष?

व्यक्ति के जन्मांग चक्र में राहु और केतु की स्थिति आमने सामने की होती है। दोनों 180 डिग्री पर रहते हैं। यदि बाकी सात ग्रह राहु केतु के एक तरफ हो जाएं और दूसरी ओर कोई ग्रह न रहे,तो ऐसी स्थिति में कालसर्प योग बनता है। इसे ही कालसर्प दोष कहा जाता है

कालसर्प योग के लक्षण


1. जातक को प्राय: स्वप्न में सर्प का दिखाई देना।


2. अत्यधिक परिश्रम के बाद भी कार्यों में मन मुताबिक सफलता न पाना।


3. मानसिक तनाव से ग्रस्त रहना।


4. सही निर्णय न ले पाना।


5. कलह पूर्ण पारिवारिक जीवन।


6. गुप्त शत्रुओं का होना। कार्य में बाधा।


क्या उज्जैन में कालसर्प निवारण संभव है 

जैसा की हम सब जानते है की उज्जैन को समस्त तीर्थो में तिल भर महत्त्व अधिक मिला है और यह स्वयं महाकाल की नगरी है, इसलिए यहाँ पर समस्त प्रकार के सर्प दोष एवं काल सर्प दोष का निवारण संभव है, अब एक प्रश्न ये आप पूछ सकते है की जब भगवान की कृपा से इस दोष का निवारण संभव है तो उस परम दयालु भगवान ने अपने ही द्वारा निर्मित मनुस्य की कुंडली में काल सर्प योग बनने ही क्यों दिया? इस प्रश्न का बहुत सहज उत्तर ये है की भगवान किसी की कुंडली में कोई योग या रोग नहीं डालते है, ये तो मनुस्य के कर्म है जिसके अनुसार उसकी कुंडली में रोग, योग, भोग, वियोग, संयोग या दोष बन जाते है, सबका आधार कर्म ही है, किन्तु जब मनुस्य अपने कर्मो के द्वारा रचित विधान से व्यथित होकर परम शक्ति की शरण ग्रहण करता है और विनती करता है की मेरी रक्षा करो तो परमेश्वर उसकी प्रार्थना पर विशेष ध्यान देकर उसके पापो अथवा कर्मो के द्वारा रचित फलों के दुष्प्रभाव को कम कर देते है, 


कालसर्प दोष में उज्जैन का महत्व :- 

भारतीय शास्त्रों में उज्जैन की महिमा सदैव ही विशिष्ट रही है ऐसा माना जाता है कि जब तीर्थ के अनुसार पुण्य फलों का विभाजन हो रहा था उज्जैन को तिल भर ज्यादा माना गया क्योंकि यह महाकाल की नगरी है ऐसी मान्यता है कि यहां पर भगवान शिव स्वयं महाकाल के रूप में विराजमान होकर अपने भक्तों का हर प्रकार के कष्ट को दूर करते हैं और उनके मंगल करते हैं कालसर्प दोष या योग जिस किसी की भी कुंडली में हो वह भयहीन होकर महाकाल की नगरी में आकर किसी भी विद्वान ब्राह्मण या पंडित से संपर्क करके कालसर्प योग निवारण पूजा करवा सकता है साथ ही यहां पर मंगलनाथ जी का भी मंदिर है जिसमें उन लोगों के लिए मंगलवार पूजा या मंगल दोष निवारण पूजा होती है जिनके विवाह में समस्या आती है या वैवाहिक जीवन में समस्याएं आती है स्पष्ट शब्दों में कहे तो समस्त प्रकार के कष्ट से मुक्ति और जीवन में मंगल के लिए उज्जैन सर्वश्रेष्ठ तीर्थ स्थल है जय श्री महाकाल



हमारे द्वारा सभी पूजन पाठ वैदिक पद्धति द्वारा संपन्न किए जाते हैं।


श्री शिव कृपा ज्योतिष केंद्र एवं वेदोक्त कर्मकांड


 अवंतिका तीर्थ पुरोहित

ज्योतिष आचार्य पं विशाल वैष्णव

संपर्क सूत्र = 7067094087




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