कोई तो रचनाकार होगा
कुछ करो तो निशान तो होगा
कुछ ना करो तो लगान फिर भी होगा
चलते रहने पर तो सवाल होगा ही
रुकें रहने पर भी नाकामयाबी का ख़ताब होगा
ताउम्र चलने रुकने का
जिंदगी की किताब में हिसाब तो होगा ही
कुछ करो या ना करो लिखी तो जाएगी
तुम करो तो तुम से ना ओरो से ही सही
पन्ने तो भरेंगे वक्त के साथ चलते-चलते
तू नहीं तो कोई ओर तेरा रचनाकार तो होगा |
Thank You!
Share Comment And Like
POET -> @Joshita Patel
You may also like: self confidence
Likes 0 · Dislikes 0
Log in to like or dislike this
post.
Leave a Reply
Please log in to comment on this post.
1 Comments
nice..