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Short Motivational Hindi Stories With Moral | ये कहानियाँ आपको सफल बना सकती है | Best Inspirational Story In Hindi For Success

By AjayPatel 5 min read

Short Motivational Hindi Stories With Moral

किसी ने मुझसे पूछा motivational story  पढ़ने से क्या होता है | मेने जवाब दिया motivational story पढ़ने से  हमे दुसरो की गलतियों का पता चलता है ताकि हम गलती ना करे इसलिए ज्यादा से ज्यादा  motivational story  को पढ़िए |


1. हार गया लेकिन खुद से जीत गया


दोस्तों नमस्कार आप सभी का स्वागत है आज मैं आपको एक ऐसी motivational stories बता रहा हु जिसे पढ़ने के बाद आपकी ऊर्जा पहले जैसी नही रहेगी तो चलिए बिना आपका समय गवाये motivational story को शुरू करते है |

 
हरीश नाम का एक लड़का था उसको दौड़ने का बहुत शौक था वह कई मैराथन में हिस्सा ले चुका था परंतु वह किसी भी race को पूरा नही करता था
एक दिन उसने ठान लिया कि चाहे कुछ भी हो जाये वह race पूरी जरूर करेगा | अब रेस शुरू हुई हरीश ने भी दौड़ना शुरू किया धीरे-धीरे सारे धावक आगे निकल रहे थे मगर अब हरीश थक गया था वह रुक गया फिर उसने खुद से बोला अगर मैं दौड़ नही सकता तो कम से कम चल तो सकता हु उसने ऐसा ही किया वह धीरे-धीरे चलने लगा मगर वह आगे जरूर बढ़ रहा था अब वह बहुत ज्यादा थक  गया था और नीचे गिर पड़ा उसने खुद को बोला की वह कैसे भी करके आज दौड़ को पूरी जरूर करेगा |

वह जिद करके वापस उठा लड़खड़ाते हुए आगे बढ़ने लगा और अंततः वह रेस पूरी कर गया माना कि वह रेस हार चुका था लेकिन आज उसका विश्वास चरम पर था क्योंकि आज से पहले  race को कभी पूरा ही नही कर पाया था वह जमीन पर पड़ा हुआ था क्योंकि उसके पैरों की मांसपेशियों में बहुत खिंचाव हो चुका था लेकिन आज वह बहुत खुश था क्योंकि आज वह हार कर भी जीता था |

Moral of the story :-

दोस्तों हम भी तो इस तरह की गलती करते है हमारी life में कभी भी अगर कोई परेशानी होती है तो उस काम को नही करते और छोड़ देते है अगर आप एक student हो और रोज 10 hr की study करते हो और किसी दिन कोई परेशानी की वजह से आप पढ़ाई नही करते मगर आपको भले ही 5 hr मिले पढ़ना जरूर चाहिए |
हरीश की कहानी से हमे यही सीखने को मिलता है कि अगर हम लगातार आगे बढ़ते रहे तो एक दिन हम हारकर भी जीत जाएंगे |




छोटे छोटे कदम बढ़ाते जाओ और आगे बढ़ते जाओ यही सफलता का नियम है |

2. ईमानदारी का फल 

नमस्कार दोस्तो आप सभी का स्वागत है आज की ये motivational story ईमान का ज्ञान बताएगी तो चलिए शुरू करते है |

काफी समय  पहले की बात है प्रतापगढ़ नाम का एक राज्य था वहाँ का राजा बहुत अच्छा था मगर राजा को एक सुख नही था | वह यह कि उसके कोई भी संतान नही थी और वह चाहता था कि अब वह राज्य के अंदर किसी योग्य बच्चे को गोद ले ताकि वह उसका उत्तराधिकारी बन सके और आगे की बागडोर को सुचारू रूप से चला सके और इसी को देखते हुए राजा ने राज्य में घोषणा करवा दी की सभी बच्चे राजमहल में एकत्रित हो जाये ऐसा ही हुआ | 
राजा ने सभी बच्चो को पौधे लगाने के लिए भिन्न भिन्न प्रकार के बीज दिए और कहा कि अब हम 6 महीने बाद मिलेंगे और देखेंगे कि किसका पौधा सबसे अच्छा होगा |

महीना बीत जाने के बाद भी एक बच्चा ऐसा था जिसके गमले में वह बीज अभी तक नही फूटा था लेकिन वह रोज उसकी देखभाल करता था और रोज पौधे को पानी देता था देखते ही देखते 3 महीने बीत गए बच्चा परेशान हो गया तभी उसकी माँ ने कहा कि बेटा धैर्य रखो कुछ बीजो को फलने में ज्यादा वक्त लगता है और वह पौधे को सींचता रहा 6 महीने हो गए राजा के पास जाने का समय आ चुका था लेकिन वह डर हुआ था कि सभी बच्चो के गमलो में तो पौधे होंगे और उसका गमला खाली होगा लेकिन वह बच्चा ईमानदार था और सारे बच्चे राजमहल में आ चुके थे कुछ बच्चे जोश से भरे हुए थे क्योंकि उनके अंदर राज्य का उत्तराधिकारी बनने की प्रबल लालसा थी | 


अब राजा ने आदेश दिया सभी बच्चे अपने अपने गमले दिखाने लगे मगर एक बच्चा सहमा हुआ था क्योंकि उसका गमला खाली था तभी राजा की नजर  उस गमले पर गयी उसने पूछा तुम्हारा गमला तो खाली है तो उसने कहा हा लेकिन मैंने इस गमले की 6 महीने तक देखभाल की है राजा उसकी ईमानदारी से खुश था कि उसका गमला खाली है फिर भी वह हिम्मत करके यहाँ आ तो गया सभी बच्चों के गमले देखने के बाद राजा ने उस बच्चे को सभी के सामने बुलाया बच्चा सहम गया और राजा ने वह गमला सभी को दिखाया सभी बच्चे जोर से हसने लगे राजा ने कहा शांत हो जाइये इतने खुश मत होइए |
आप सभी के पास जो पौधे है वो सब बंजर है आप चाहे कितनी भी मेहनत कर ले उनसे कुछ नही निकलेगा लेकिन असली बीज यही था राजा उसकी ईमानदारी से बेहद खुश हुआ और उस बच्चे को राज्य का उत्तराधिकारी बना दिया गया |

Moral of the story :-

 हमें इस कहानी से क्या सीखने को मिला 


अपने अंदर ईमानदारी का होना बहुत जरूरी है अगर हम खुद के साथ ईमानदार है तो जीवन के किसी न किसी पड़ाव में सफल हो ही जाएंगे

क्योंकि हमारी औकात हमे ही पता होती है | हम खुद को पागल बनाकर खुद का ही नुकसान करते है |

अगर आपको भी ये motivational story अच्छी लगी हो तो  comment के माध्यम से हमे जरूर बताएं | ऐसी ही स्टोरीज के लिए पढ़ते रहिये LifeDb.in।   
                                               

                                                      "आपका कीमती समय देने के लिए दिल से आपका शुक्रिया"

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