One Day Trip With Friends Or Family Near Indore Madhya Pradesh
1) Near Indore Visit Pitreshwar Hanuman Dham -
श्री पितरेश्वर हनुमान धाम की विशेषताएं:-
- पितरों की स्मृति में यहाँ एक लाख पौधारोपण किया गया है।
- श्री पितरेश्वर हनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा कर उन्हें जागृत किया गया है।
- यहां प्राचीन शिव मंदिर है जिसका जीर्णोद्धार होने के बाद ही धाम का निर्माण पूर्ण हो पाया।
- यहां प्राचीन सिद्ध भैरव मंदिर है। मान्यता है कि भैरव की उत्पत्ति शिव के रुधिर से हुई थी।
- यहां हनुमान जी की दो प्रतिमाएँ विराजित हैं- पूजनीय और दर्शनीय। दोनों का अपना विशेष महत्व है।
- पूजनीय प्रतिमा में माता अंजनी हनुमानजी को गोद में लिए हुए हैं। कहा जाता है रात्रि में हनुमानजी माता की गोद में विश्राम करते हैं।
- दर्शनीय प्रतिमा अष्टधातु से निर्मित है जो 108 टन वज़नी है। इसकी चौड़ाई 54 फ़ीट और ऊँचाई 71 फ़ीट है।
- दर्शनीय प्रतिमा में हनुमान जी बैठकर प्रभु श्रीराम के कीर्तन में लीन हैं। विश्व में हनुमानजी की बैठी हुई सबसे बड़ी प्रतिमा है।
- यह प्रतिमा अष्टधातु से निर्मित दुनिया की सबसे ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा है।
- पितरेश्वर हनुमान पीड़ा हरने वाले, मनोकामना पूर्ण करने वाले संकटमोचक माने जाते हैं।
- पितरेश्वर हनुमान की इस दर्शनीय प्रतिमा को पूर्ण करने में 125 कारीगरों को 7 वर्ष का समय लगा।
- प्रतिमा को ग्वालियर से 264 भागों में लाया गया था जिसे जोड़ने में कारीगरों को 3 वर्ष का समय लगा।
- प्रतिमा पर 7 चक्र मौजूद हैं जिनसे ब्रह्मांड की ऊर्जा प्रवाहित होती है।
- श्री पितरेश्वर हनुमान जी से जो भी भक्त सच्चे मन से जो कुछ मांगते हैं, हनुमान जी उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण करते हैं।
- 2) Ganga Mahadev Indore
गंगा महादेव इंदौर से लगभग 80 किमी दूर यह स्थान न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए बल्कि भक्ति और किंवदंतियों के लिए भी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि पांडव 12 साल के वनवास के दौरान यहां आए थे और उन्होंने यहां शिवलिंग की स्थापना की थी और वे यहां बनी गुफा में भी रहते थे।
- वहीं दूसरी ओर एक अन्य कथा यह भी है कि भगवान शिव के क्रोध के कारण यहां एक खाई बनाई गई थी और भगवान यहां लिंग के रूप में बस गए थे। इसी तरह की किंवदंतियां यहां सुनी जा सकती है ।
कथा चाहे कुछ भी हो, लेकिन सच्चाई यह है कि इस स्थान पर भगवान शिव की कृपा और गंगा की निर्मल धारा दोनों का अनुभव किया जा सकता है। वैसे तो यहां पर साल भर झरना गिरता रहता है, लेकिन बरसात के मौसम में इसकी धारा एक विशाल रूप धारण कर लेती है और यही सुंदरता पर्यटकों को मोह लेती है।
गुफा में विराजे महादेव
गंगा महादेव तक पहुंचने का रास्ता जितना खूबसूरत है, उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत यहां बनी गुफा तक पहुंचने का रास्ता है। इस गुफा तक करीब 25-30 सीढ़ियां उतरकर पहुंचा जा सकता है।
इंसानों ने गुफा तक जाने के लिए जो रास्ता बनाया है उसकी खास बात यह है कि यह रास्ता झरने के पीछे से होकर गुफा तक जाता है। झरने की बूंदों से आधा भीगा हुआ और आधा सूखकर पर्यटक उस विशाल गुफा में पहुंचते हैं जहां भगवान शिव को शिवलिंग के रूप में विराजमान किया गया है।
3) Mandav In Dhar district near Indore Madhya Pradesh
अपनी वास्तुकला और ऐतिहासिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध, मांडू या मांडवगढ़ मध्य प्रदेश का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। हर इतिहासकार के लिए एक स्वप्निल स्थान, यह सुरम्य शहर अपने प्रतिष्ठित स्मारकों, महलों और किलों के माध्यम से एक यादगार अनुभव प्रदान करता है।
मांडव समुद्र तल से 2000 फीट की ऊंचाई पर विंध्याचल पर्वत पर स्थित है। हजारों साल पहले यह एक छोटा शहर था, लेकिन इसे दुनिया के सबसे बड़े शहरों में से एक माना जाता था। शहर की संस्कृति और इसकी ऐतिहासिक इमारतों ने इसे वास्तुकला के लिए एक गंतव्य बना दिया है। जो इसे मध्य भारत के मालवा पठार से अलग करती है धार जिला म.प्र. के पश्चिमी भाग में स्थित है, और धार शहर से 35 किमी दूर अक्षांश 22.3271° उत्तर, 75.4053° पूर्व के बीच स्थित है।
Rani Rupmati mahal Mandu - रानी रूपमती मंडप: बाज बहादुर द्वारा निर्मित
इस जगह से नर्मदा नदी का खूबसूरत नज़ारा दिखता है। इस मंडप में राजा बाज बहादुर और रानी रूपमती के बीच शुरू हुए एक मध्ययुगीन रोमांस की कहानी है। मंडप के सामने एक पहाड़ी की चोटी पर एक संरचना है और शुरुआती दौर में, इसे कुशल सेना के जवानों द्वारा संरक्षित किया जाता था। मंडप में दो वॉच टावर स्थित हैं। इसके अलावा, मंडप के भीतर एक आंगन भी है। कई लोगों ने कहा और माना है कि रूपमती एक महान शास्त्रीय गायिका थीं। यह मांडू में घूमने के लिए असाधारण जगहों में से एक है। मंडप मुख्य रूप से इसलिए बनाया गया था ताकि रानी रूपमती बेहतर तरीके से गा सकें।
Jahaz Mahal Mandu ( जहाज महल: गियास-उद-दीन-खिलजी द्वारा निर्मित ) - यह मांडू के मुख्य आकर्षणों में से एक है जहाँ पर्यटक आते हैं। इस महल का निर्माण सुल्तान गयास-उद-दीन-खिलजी के पर्यवेक्षण और शासनकाल में 15000 महिलाओं को रखने के लिए किया गया था, जो उनकी पत्नियाँ थीं। 15वीं शताब्दी में निर्मित यह महल बेहतरीन अफगान वास्तुकला का एक उदाहरण प्रस्तुत करता है जो पूरे देश में देखने को दुर्लभ है। चारों ओर से तालाबों से घिरे इस स्थान को यह नाम क्यों मिला, इसका अनुमान लगाना कठिन नहीं है। महल की छवि ऐसी लगती है जैसे यह एक जहाज की तरह पानी पर तैर रहा हो। जहाज के आकार में शक्तिशाली रूप से खड़ा यह महल अफगान, मुगल, हिंदू और मिस्र की वास्तुकला का सर्वश्रेष्ठ मिश्रण प्रस्तुत करता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि यह स्थान प्राचीन शहर मांडू का मुख्य सार रखता है और इस आकर्षण को न देखना बहुत बड़ा नुकसान होगा।
4) Maheshwar Fort (Ahilya Fort) near Indore Madhya Pradesh
महेश्वर किला, जिसे अहिल्या किला भी कहते हैं, मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में नर्मदा नदी के किनारे स्थित है, जो होलकर राजवंश की महारानी देवी अहिल्याबाई होलकर के शासनकाल का प्रतीक है.
प्राचीन भारतीय निर्माण कला , युद्ध कौशल और रक्षा निति का एक उत्तम उदाहरण हे महेश्वर का किला | लगभग २ वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को सुरक्षा देने वाले इस किले के निर्माण का समय 4थी से 5वीं शताब्दी के मध्य का आंका जाता है | किले के वर्तमान स्वरुप का निर्माण 17 से 18 शताब्दी के मध्य का माना जाता है | अब यह किला अनेक स्थानों से टूट फुट गया है , अनेक स्थानों पर किले की नीव दीवारे गायब है , पर आज की स्थिति बताती हे की यह किला निर्माण के समय में अति सुद्रढ़ रहा होगा |
छोटे बड़े पांच मुख्य द्वार, अन्य किलों की भाति इसमें बड़े दरवाजे द्वारपालों के कक्ष और लगभग बीस बुर्ज वाले इस किले से अपनी प्राचीरों से तोप, तीर ,बन्दुक इत्यादि चलाने के लिए इसे सुसज्जित किया था | प्राचीर पर पांच फुट चौड़ी पैदल पट्टी बनी हुई है |
किले के अंदर ही सारे महत्वपूर्ण देखने लायक स्थान हैं जेसे राजवाडा , अहिल्या देवी का पूजन स्थान (स्वर्ण का झूला) , राजराजेश्वर मंदिर इत्यादि
5) Jam Gate Indore Madhya Pradesh (जाम गेट इंदौर )
जाम गेट, जिसे जाम दरवाजा भी कहते हैं, मालवा और निमाड़ की सीमा पर स्थित एक ऐतिहासिक दरवाजा है, जिसका निर्माण 1791 में रानी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था। यह महू-मंडलेश्वर रोड पर स्थित है और मालवा-निमाड़ का प्रवेश द्वार माना जाता है.
मांडू में घूमने लायक जगहों के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
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