Maha Shivratri: The Spiritual Significance and Powerful Rituals of Lord Shiva’s Night | महाशिवरात्रि की पूजा : जानिए पूजन के मुहूर्त, कैसे बना महामृत्युंजय मंत्र और इसका विज्ञान
26 फरवरी को महाशिवरात्रि है। हम आपको इस पर्व से जुड़ी 5 बातें बता रहे हैं। इसमें शिव पूजन के लिए चार प्रहर के मुहूर्त और उज्जैन, काशी, केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के मुख्य पुजारियों की बताई पूजा विधि है। जानिए शिवरात्रि क्यों मनाते हैं, महामृत्युंजय मंत्र कैसे बना और इस मंत्र पर हुए रिसर्च के बारे में।
शिवरात्रि व्रत में अन्न नहीं खाया जाता, जानिए कैसे व्रत करें
- सूर्योदय से पहले उठें। पानी में गंगाजल और काले तिल मिलाकर नहाएं।
- शिव पूजन करें और व्रत का संकल्प लें।
- व्रत-उपवास में अन्न नहीं खाएं। पुराणों के अनुसार पूरे दिन पानी भी नहीं पीना चाहिए। इतना कठिन व्रत न कर सकें तो फल, दूध और पानी ले सकते हैं।
- झूठ न बोलें, दिन में न सोएं और विवाद से बचें। इनसे व्रत टूट जाता है।
- सुबह-शाम नहाने के बाद शिव मंदिर दर्शन करने जाएं।
शिव विवाह नहीं शिवलिंग के प्रकट होने का दिन है महाशिवरात्रि महाशिवरात्रि को लेकर मान्यता है कि इस दिन शिव-पार्वती का विवाह हुआ था, लेकिन शिव पुराण सहित किसी भी ग्रंथ में इस बात का कोई जिक्र ही नहीं है।
शिव पुराण में लिखा है कि फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष के चौदहवें दिन यानी चतुर्दशी तिथि पर पहली बार शिवलिंग प्रकट हुआ था। तब भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी ने शिवलिंग की पूजा की। इसी दिन को शिवरात्रि कहा गया।
शिव पुराण के 35वें अध्याय में लिखा है कि शिव विवाह अगहन महीने के कृष्ण पक्ष के दूसरे दिन हुआ था। ये तिथि इस साल 7 नवंबर को आएगी।
शिवरात्रि पर शिव विवाह मनाने की परंपरा कब से शुरू हुई इस बारे में लिखित जानकारी नहीं है। काशी और उज्जैन के विद्वानों का कहना है कि शिवलिंग के निचले हिस्से में पार्वती का भी स्थान होता है। शिवरात्रि पर महादेव की पूजा रात में होती है। पार्वती के बिना शिव पूजन अधूरा रहता है, इसलिए इस रात को शिव-शक्ति मिलन के पर्व के तौर पर मनाया जाने लगा।
महामृत्युंजय मंत्र का विज्ञान: इस मंत्र के जाप से मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है
- 2011 में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ योगा में छपे शोध के मुताबिक महामृत्युंजय मंत्र के नियमित जाप से मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है।
- 2013 में महामृत्युंजय मंत्र पर इलेक्ट्रोएन्सेफलोग्राफी टेस्ट किया। इस स्टडी में पता चला कि महामृत्युंजय मंत्र बोलने से दिमाग में अल्फा और थीटा तरंगे बढ़ती हैं। जिससे मानसिक शांति मिलती है।
- जर्नल ऑफ अल्टरनेटिव एंड कॉम्प्लिमेंट्री मेडिसिन में छपे शोध के अनुसार मंत्र जाप से शारीरिक सेहत में सुधार होता है।
- 2003 में दिमाग के हिस्सों की एक्टीविटी जांचने वाले फंक्शनल इमेजिंग टेस्ट की मदद से स्टडी की गई। जिसमें पता चला कि मंत्र जाप करने से दिमाग के अगले हिस्से यानी प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स में सक्रियता बढ़ जाती है। जिससे मानसिक शांति और ध्यान करने में मदद मिलती है।
- 2019 में राममनोहर लोहिया हॉस्पिटल में हुई स्टडी से पता चला कि महामृत्युंजय मंत्र जाप से तनाव बढ़ाने वाला कॉर्टिसोल हार्मोन कम होने लगता है। इस मंत्र से दिल की सेहत भी अच्छी रहती है।
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